Spirituality is essential while living as a householder

गृहस्थ में रहते हुए अध्यात्म जरूरी

Spirituality is essential while living as a householder

Spirituality is essential while living as a householder

Spirituality is essential while living as a householder- चंडीगढ़I संत निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के पावन पवित्र आशीर्वाद से आज सेक्टर 15  चंडीगढ़ स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में  "महिला समागम" का आयोजन किया गया। इस दौरान महिला श्रद्धालुओं ने विचारों, गीतों, कविताओं व  स्किट आदि के माध्यम से सतगुरु  की शिक्षाओं का यशोगान किया । 

इस अवसर पर  बहन अमनदीप कौर जी, प्रचारिका चंडीगढ़ ने सतगुरु की शिक्षाओं  को जीवन में अपनाने पर बल दिया । उन्होंने कहा कि सतगुरु माता जी ने  "आत्म मंथन"  का जो विषय दिया है,  उस पर संजीदगी  से विचार करने की आवश्यकता  है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम  ब्रह्मज्ञान प्राप्त करने के बाद  हर गुरसिख में निराकार का वास देखते हैं,  उसी प्रकार  हमें हमारे परिजनों में  भी निराकार का स्वरूप नजर आना चाहिए। जिससे कि प्यार के संदेश को आत्मसात कर स्वर्ग के नक्शे की  जो परिकल्पना  सतगुरु माता जी  ने की है, उसे साकार करने में योगदान दे पाएं । 

उन्होंने आगे फरमाया कि महिला, जगत की जननी,  प्यार व सहनशीलता की मूर्ति होती है।   मां शबरी  का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब उन्हें  प्रभु राम के आने का पता चला तो वर्षों वर्ष  प्रतिदिन बेसब्री से व  सहनशीलता से इंतजार करती रही। वे सेवा की प्रतिमूर्ति के रूप में जानी जाती है। आज हम सबको भी सेवा, सिमरन व सत्संग के महत्व को समझना है, मन में वो ही चाव होना चाहिए जो मां शबरी का प्रभु राम के लिए रहा । 

 उन्होंने  निरंकारी मिशन के इतिहास की बात  करते हुए कहा कि जगतमाता बुधवंती जी, निरंकारी  राजमाता कुलवंत कौर जी ने संतो  व सतगुरु की  सेवा एवं शिक्षा को  स्वयं करके दिखलाया। उन्होंने गृहस्थ में रहते हुए अध्यात्म पर चलने की जो प्रेरणा दी वो आज भी पूरी तरह  प्रासंगिक है । 

सतगुरु माता जी के विचार का जिक्र करते हुए कहा कि संतों की शिक्षा यही है कि वास्तविक परिवर्तन बाहरी नहीं, बल्की आंतरिक होना चाहिए। सत्संग, सेवा और सिमरन के माध्यम से अपने भीतर सकारात्मक बदलाव लाकर ही जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। 

इस अवसर पर उपस्थित बुजुर्ग महिलाओं जिनका महिलाओं के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण योगदान रहा उनको सम्मानित किया गया । कार्यक्रम के अंत में बहन डॉ विजय प्रभा जी ने जोनल इंचार्ज, संयोजक, मुखियों  व आसपास के क्षेत्र से आई बहनों का स्वागत व धन्यवाद किया।